Wayist History

Brother Thomas — वह वास्तुकार जिसने काश्मीर में स्वर्ग बनाया

मिर्च — और एक आदमी का स्वभाव

एक बात है जो MahaMarga की परंपरा में Thomas Didymus के बारे में सबसे पहले याद की जाती है।

वह यह नहीं कि उन्होंने काश्मीर में एक भव्य amphitheatre बनाया। न यह कि राजा Gondophares ने उन्हें अपना प्रधान वास्तुकार बनाया। न यह कि उनके बाद Siphor ने उस पूरी community की बागडोर सँभाली।

जो सबसे पहले याद किया जाता है — वह है Thomas की मिर्च।

वह किताब जो मिटा दी गई — और वह औरत जिसे चुप कराया गया

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एक गलत नाम से शुरू होती है कहानी

ईसाई बाइबल में एक किताब है — “Gospel of John”

यह नाम सबको पता है। लेकिन जो नाम कम लोग जानते हैं — वह यह है कि यह किताब मारीया ने लिखी थी।

उस मारीया ने — जो मगध से आई थी। जो Iesous के साथ काश्मीर से जेरूसलम तक गई। जिसने अपनी आँखों से वह सब देखा जो बाकी कोई न देख सका।

वापसी — और वह रात जो काश्मीर ने कभी नहीं भुलाई

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युसमर्ग — जहाँ Iesous ने चाय बनाई थी

पहाड़ चढ़ते-चढ़ते एक बुज़ुर्ग औरत रुकी।

उसने चारों तरफ देखा। पहाड़, घाटी, एक छोटा-सा घर जिसकी चिमनी से धुआँ उठ रहा था। और कुछ — कुछ जाना-पहचाना।

“यहाँ मैं पहले आई हूँ,” उसने सोचा। “लेकिन कब?”

घर का दरवाज़ा खुला। एक बूढ़ी औरत, पीठ झुकी हुई, निकली।

दोनों ने एक-दूसरे को देखा।

“यह जगह क्या कहलाती है?” मारीया ने पूछा।