जब भारत ने theWAY को अपनी भाषा में गाया — भक्ति आंदोलन की Wayist जड़ें
एक धागा — जो हज़ार साल तक खिंचता रहा
भक्ति आंदोलन के बारे में इतिहास की किताबें कहती हैं — यह बारहवीं-तेरहवीं सदी में शुरू हुआ।
लेकिन MahaMarga की दृष्टि से — यह आंदोलन उस पहले बीज का फूल था, जो पहली सदी में बोया गया था।
काश्मीर में। एक Wayist Sangha में। उस समय जब Thomas Didymus — Iesous के शिष्य — राजा Gondophares के दरबार में बैठकर एक नई दुनिया का स्वप्न देख रहे थे। जब माता मारीया मगधालेने की शिक्षाएँ व्यापार-मार्गों पर फैल रही थीं — काश्मीर से जमशेदपुर तक, अरब से इथियोपिया तक।